चाहत में हमने श्याम की,
खुद को मिटा दिया ।।
वो याद ना करते हैं हमको,
जिन्हें अपना बना लिया।।काबिल तो नहीं पर शौक तो है,
दीदार तेरे का मनमोहन,
इसी आस पर जीवन की,
में बाजी लगाए बेठा हूँ।।
हम जिसे देखने को जिए जा रहे हैं,
वो परदे पे पर्दा किये जा रहे हैं,
मेरा शीशा दिल ये हिफाजत से रखना,
अपना समझ कर दिए जा रहे हैं,
तुम देखो ना देखो प्यारे,
ये है तुम्हारी मर्जी,
मैंने तो तेरे दर पे सर को झुका दिया,
वो याद ना करते हैं हमको,
जिन्हें अपना बना लिया ,
चाहत में हमने श्याम की,
खुद को मिटा दिया………जय जय श्री राधे