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कभी राम बनके कभी श्याम बनके चले आना प्रभुजी चले आना, सुनि कान्हा तेरी बांसुरी, बृज में कछु देख्यो री टोना – भजन

सुनि कान्हा तेरी बांसुरी

सुनि कान्हा तेरी बांसुरी
बांसुरी तेरी जादू भरी

सारा गोकुल लगा झूमने
क्या अजब मोहिनी छा गयी
मुग्ध यमुना थिरकने लगी
तान बंसी की तड़पा गयी
मैं तो जैसे हुई बावरी

सुनि कान्हा तेरी बांसुरी
बांसुरी तेरी जादू भरी

हौले से कोई धुन छेड के
तेरी बंसी तो चुप हो गयी
सात  स्वर के भंवर में  कहीं
मेरे मन की कली खो गयी
छवि मन में बसी सांवरी

सुनि कान्हा तेरी बांसुरी 
बांसुरी तेरी जादू भरी

 

प्रभुजी चले आना

कभी राम बनके कभी श्याम बनके 

चले आना प्रभुजी चले आना....

तुम राम रूप में आना, तुम राम रूप में आना
सीता साथ लेके, धनुष हाथ लेके,
चले आना प्रभुजी चले आना...

तुम श्याम रूप में आना, तुम श्याम रूप में आना,
राधा साथ लेके, मुरली हाथ लेके,
चले आना प्रभुजी चले आना...

तुम शिव के रूप में आना, तुम शिव के रूप में आना..
गौरा साथ लेके , डमरू हाथ लेके,
चले आना प्रभुजी चले आना...

तुम विष्णु रूप में आना, तुम विष्णु रूप में आना,
लक्ष्मी साथ लेके, चक्र हाथ लेके,
चले आना प्रभुजी चले आना...

तुम गणपति रूप में आना, तुम गणपति रूप में आना
रिद्धि साथ लेके, सिद्धि साथ लेके ,
चले आना प्रभुजी चले आना....

कभी राम बनके कभी श्याम बनके 
चले आना प्रभुजी चले आना...

बृज में कछु देख्यो री टोना

या ब्रज में कछु देख्यो री टोना ।

ले मटकी सिर चली गुजरिया,
आगे मिले बाबा नंद जी के छोना ।
दधि को नाम बिसरि गयो प्यारी,
ले लेहुरी कोउ स्याम सलोना ।

या ब्रज में कछु देख्यो री टोना ।

बृंदावन की कुँजगलिन में,
आस लगाय गयो मनमोहना ।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
सुंदर स्याम सुघर रस लोना ।

या ब्रिज में कछु देख्यो री टोना ।।।

1 Comment

  1. That’s not just the best anwres. It’s the bestest answer!

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